अध्याय 57

सेठ अभी-अभी बाथरूम से बाहर निकला ही था कि उसकी नज़र लैला पर पड़ी—वह उसका फोन हाथ में लिए खड़ी थी।

कहीं वह गलत न समझ बैठे, इस डर से उसने फौरन सफ़ाई देने की कोशिश की। “सॉरी… मेरा इरादा आपकी कॉल उठाने का नहीं था। कई बार घंटी बजी, तो मुझे लगा ज़रूरी होगा। माफ़ कीजिए। क्या आप उन्हें वापस कॉल कर लें?”

उ...

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